आज़ादी


आज़ाद भारत की खुली हवा मेें,
ले रहे चैन की साँस हम,
गुलामी की जंजीरों से हो गए आज़ाद हम ।

नफ़रत की दीवारों को तोड़कर,
एकता की लकीरों को जोड़कर,
अपनी अंतरात्मा को जागृत कर ।

शान्ति का दीप जलाकर,
इस देश के भाईचारे को बचाकर,
उन अमर शहीदों का गुणगान कर ।

आओ रखे हम अपनी आज़ादी को संभालकर ।

स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं !!!


यहाँ सुने:-


-- आदित्य राय ( काव्यरंग )

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